🖋️ लंबी कविता
तेरे जाने के बाद भी, तेरा असर बाकी है,
हर मोड़ पर, हर हवा में, तेरा सफ़र बाकी है।
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रात के सन्नाटे में जब तारे टूटते हैं,
उनकी खामोशी में भी, तेरा ज़िक्र बाकी है।
मैं सोचता हूँ, तू होती तो क्या होता,
चाँद की रोशनी में, तेरा चेहरा निखरता।
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खामोश लबों से तू कुछ कहती शायद,
तेरी आँखों में छुपा एक समंदर उभरता।
तेरे बिना इस दिल का हाल कोई क्या जाने,
हर धड़कन तेरा नाम पुकारे, कौन माने?
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भीड़ में भी तन्हाई का एहसास गहरा,
तेरे बिना ये सफर लगता है अधूरा, सहरा।
ख्वाबों की गलियों में तेरा ही बसेरा है,
तेरे इश्क़ ने ही मुझे जीना सिखाया है।
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तेरी हँसी वो नूर है जो अब भी चमकता है,
तेरा ख्याल वो जादू है जो दिल को बहलाता है।
मैंने चाँद से पूछा, क्यों इतना चमकता है?
कहा उसने, "तेरी याद का नूर मुझमें बसता है।"
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मैंने हवा से पूछा, क्यों इतनी ठंडी लगती हो?
कहा उसने, "तेरे आँसुओं की नमी मुझमें मिलती हो।"
राहें लंबी हैं, मंज़िल दूर है,
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पर तेरे बिना हर रास्ता मजबूर है।
मैंने किताबें खोलीं, तेरी बातें ढूँढने,
हर पन्ने पे तेरा नाम खुद-ब-खुद उभर आया।
ज़िंदगी का हिसाब तो बड़ा अजीब है,
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तेरे होने से हर लम्हा नसीब है।
तेरे जाने से, वक्त का पहिया थम गया,
साल गुज़र गए, मगर दिल वहीं थम गया।
तन्हाई की रातों में जब सन्नाटा बोलता है,
दिल की धड़कनें तेरे कदमों को ढूँढती हैं।
ख्वाब टूट जाते हैं जैसे शीशे के टुकड़े,
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फिर भी आँखों में तेरी तस्वीर झलकती है।
मोहब्बत का दर्द भी कितना मीठा होता है,
आँखें रोती हैं, दिल फिर भी हँसता है।
तेरी यादों का सहारा, जैसे रेगिस्तान में साया,
तेरे बिना ये सफर अधूरा, तेरे बिना सब पराया।
काश वक्त थम जाता उसी पल पे,
जब तेरे हाथों की गर्मी मेरी हथेली में थी।
काश जुदाई का मौसम न आता कभी,
जब तेरी मुस्कान मेरे दिल की रोशनी थी।
अब चाँद है, तारे हैं, और मैं अकेला हूँ,
खुद से बातें करता हूँ, पर सब अधूरा हूँ।
तेरी आवाज़ की गूँज अब भी कानों में बसती है,
तेरे इश्क़ की खुशबू अब भी साँसों में घुलती है।
तू नहीं है, मगर तेरी मौजूदगी हर जगह है,
तेरे ख्वाब, तेरी बातें, तेरी यादें हर जगह हैं।
मैं लिखता हूँ, मिटाता हूँ, फिर लिखता हूँ,
हर शेर में तेरा ही नाम झलकता हूँ।
कहते हैं मोहब्बत अधूरी रह जाए तो अमर हो जाती है,
तेरे बिना ही मेरी ज़िंदगी की कहानी मुकम्मल हो जाती है।
शायद तू लौटे न कभी, मगर ये यकीन है,
तेरी यादों से ही मेरी रूह जिंदा रहेगी।