Monday, September 29, 2025

लंबी कविता

 

🖋️ लंबी कविता 

तेरे जाने के बाद भी, तेरा असर बाकी है,
हर मोड़ पर, हर हवा में, तेरा सफ़र बाकी है।
Iframe sync रात के सन्नाटे में जब तारे टूटते हैं,
उनकी खामोशी में भी, तेरा ज़िक्र बाकी है।

Iframe sync

मैं सोचता हूँ, तू होती तो क्या होता,
चाँद की रोशनी में, तेरा चेहरा निखरता।
Iframe sync खामोश लबों से तू कुछ कहती शायद,
तेरी आँखों में छुपा एक समंदर उभरता।

Iframe sync

तेरे बिना इस दिल का हाल कोई क्या जाने,
हर धड़कन तेरा नाम पुकारे, कौन माने?
Iframe sync भीड़ में भी तन्हाई का एहसास गहरा,
तेरे बिना ये सफर लगता है अधूरा, सहरा।

Iframe sync

ख्वाबों की गलियों में तेरा ही बसेरा है,
तेरे इश्क़ ने ही मुझे जीना सिखाया है।
Iframe sync Iframe sync तेरी हँसी वो नूर है जो अब भी चमकता है,
तेरा ख्याल वो जादू है जो दिल को बहलाता है।

Iframe sync

मैंने चाँद से पूछा, क्यों इतना चमकता है?
कहा उसने, "तेरी याद का नूर मुझमें बसता है।"
Iframe sync मैंने हवा से पूछा, क्यों इतनी ठंडी लगती हो?
कहा उसने, "तेरे आँसुओं की नमी मुझमें मिलती हो।"

राहें लंबी हैं, मंज़िल दूर है,
Iframe sync पर तेरे बिना हर रास्ता मजबूर है।
मैंने किताबें खोलीं, तेरी बातें ढूँढने,
हर पन्ने पे तेरा नाम खुद-ब-खुद उभर आया।

ज़िंदगी का हिसाब तो बड़ा अजीब है,
Iframe sync तेरे होने से हर लम्हा नसीब है।
तेरे जाने से, वक्त का पहिया थम गया,
साल गुज़र गए, मगर दिल वहीं थम गया।

Iframe sync

तन्हाई की रातों में जब सन्नाटा बोलता है,
दिल की धड़कनें तेरे कदमों को ढूँढती हैं।
ख्वाब टूट जाते हैं जैसे शीशे के टुकड़े,
Iframe sync फिर भी आँखों में तेरी तस्वीर झलकती है।

मोहब्बत का दर्द भी कितना मीठा होता है,
आँखें रोती हैं, दिल फिर भी हँसता है।
तेरी यादों का सहारा, जैसे रेगिस्तान में साया,
तेरे बिना ये सफर अधूरा, तेरे बिना सब पराया।

काश वक्त थम जाता उसी पल पे,
जब तेरे हाथों की गर्मी मेरी हथेली में थी।
काश जुदाई का मौसम न आता कभी,
जब तेरी मुस्कान मेरे दिल की रोशनी थी।

अब चाँद है, तारे हैं, और मैं अकेला हूँ,
खुद से बातें करता हूँ, पर सब अधूरा हूँ।
तेरी आवाज़ की गूँज अब भी कानों में बसती है,
तेरे इश्क़ की खुशबू अब भी साँसों में घुलती है।

तू नहीं है, मगर तेरी मौजूदगी हर जगह है,
तेरे ख्वाब, तेरी बातें, तेरी यादें हर जगह हैं।
मैं लिखता हूँ, मिटाता हूँ, फिर लिखता हूँ,
हर शेर में तेरा ही नाम झलकता हूँ।

कहते हैं मोहब्बत अधूरी रह जाए तो अमर हो जाती है,
तेरे बिना ही मेरी ज़िंदगी की कहानी मुकम्मल हो जाती है।
शायद तू लौटे न कभी, मगर ये यकीन है,
तेरी यादों से ही मेरी रूह जिंदा रहेगी।

लंबी कविता

  🖋️ लंबी कविता  तेरे जाने के बाद भी, तेरा असर बाकी है, हर मोड़ पर, हर हवा में, तेरा सफ़र बाकी है। Iframe sync रात के सन्नाटे में जब ...